श्री अखिलेश यादव, मा० मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश



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उत्तर प्रदेश सदैव से बागवानी फसलों के उत्पादन के लिए प्रख्यात रहा है. इसी कारण प्रदेश में बागवानी की जैव विविधता की स्थापित पहचान है. प्रदेश की विविधतापूर्ण जलवायु सभी प्रकार की बागवानी फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है. औद्यानिकी के क्षेत्र में देश के कुल उत्पादन में उत्तर प्रदेश का अग्रणी स्थान है. प्रदेश की लगभग 90% छोटी जोत के किसानों के लिए बागवानी फसलें इकाई क्षेत्र से अधिक आय, रोजगार एवं पोषण उपलब्ध कराने में सक्षम हैं. बागवानी फसलों के निरंतर बड़ते हुए महत्व से उत्पादक भिग्य हैं और उपलब्ध संसाधनों के उपयोग से बागवानी फसलों को अपनाकर आर्थिक स्वावलंबन में सुधार ला रहे हैं. बागवानी फसलें विविधतापूर्ण हैं जिसमें सभी प्रकार के फल,शाकभाजी,पुष्प,औषधीय एवं सगंध फसलें, जड़ एवं कन्दीय फसलें, मसाले तथा सहायक उद्यम के रूप में मौन पालन एवं मशरूम उत्पादन के साथ-साथ उनके प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के कार्यक्रम समाहित हैं.

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश में फल, शाकभाजी, आलू, पुष्प, मसाले, औषधीय एवं सगंध पौधों, पान विकास के साथ-साथ सहायक उद्यम के रूप में मौन पालन, मशरूम उत्पादन खाद्य प्रसंस्करण, पान की खेती के लिए विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित कर सतत विकास हेतु प्रयास किये जा रहे हैं. प्रदेश में एकीकृत बागवानी विकास मिशन- राष्ट्रीय बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अधीन ड्रिप इरीगेशन, राष्ट्रीय औषधीय पौध मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन से अनाच्छादित जनपदों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सामान पैटर्न पर योजना का क्रियान्वयन कराया जा रहा है. राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के लागू होने से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना के नए अवसर सृजित हुये हैं. साथ ही साथ विभागीय उत्पादन इकाईयों पर उत्पादित कलमी, बीजू तथा शोभाकार पौधे बिना लाभ हानि के लागत मूल्य पर जन साधारण को सुलभ कराये जा रहे हैं.

प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के सुनियोजित विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2012 प्राख्यापित की गयी है जिसके द्वारा पूंजीगत अनुदान, ब्याज उपादान, गुणवत्ता एवं प्रमाणीकरण बाजार विकास, अनुसन्धान एवं विकास तथा निर्यात प्रोत्साहन के साथ-साथ प्रदेश में उद्योगों की स्थापना हेतु अनेक रियायतें एवं छूट प्रदान की गई है.

उत्तर प्रदेश आलू विकास नीति 2014 प्राख्यापित कर प्रदेश की प्रमुख व मुख्य नकदी फसल आलू के चतुर्दिक एवं सुनियोजित विकास के लिए भी अनेक प्रकार की सुविधाएँ एवं छूट प्रदान की गई है.

श्री मूलचंद चौहान, मा० राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश



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02 May,2016

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